भोपाल.कोरोना संक्रमण (Corona infection) के कारण मध्य प्रदेश में अभी सभी स्कूल-कॉलेज बंद हैं. इन्हें कब से खोला जाए, यह निर्णय लिया जाना है. संक्रमण बढ़ने के कारण तारीख़ तय नहीं हो पा रही है. जुलाई से स्कूल खोलने की तैयारी है. उससे पहले स्कूल शिक्षा विभाग बच्चों को स्कूल बुलाने में ऑड-ईवन फॉर्मूला (Odd-Even Formula) अपनाने जा रहा है. यानि सारे बच्चे एक साथ स्कूल नहीं आएंगे, बल्कि उन्हें एक दिन के अंतर से बारी-बारी बुलाया जाएगा.

कोरोना के कारण स्कूलों में व्यवस्था भी बदलने वाली है. पहले की तरह अब एक साथ सारे बच्चे स्कूल नहीं पहुंचेंगे. उन्हें भी ऑड-ईवन के मुताबिक बुलाने की तैयारी है. एक दिन प्रत्येक कक्षा में बच्चों की संख्या आधी होगी. आधे बच्‍चों को एक दिन और शेष को दूसरे दिन बुलाया जाएगा. संक्रमण से बचाने के लिए एक साथ कम स्टूडेंट बुलाने की तैयारी है, ताकि उन्हें सोशल डिस्टेंस के साथ बैठाया जा सके. अगर पहले की तरह सारे बच्चे एक साथ सटाकर बैठाए जाएंगे तो संक्रमण फैलने का खतरा बना रहेगा.

क्लासेस में सोशल डिस्टेंस 

प्रदेश भर में स्कूलों में छात्र छात्राओं के बीच सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखा जाएगा.स्कूलों में अब तक एक बेंच पर तीन  स्टूडेंट एक साथ बैठकर पढ़ाई करते थे.अब बैठक व्यवस्था में बदलाव की तैयारी है. एक बेंच पर सिर्फ एक स्टूडेंट को बैठाया जाएगा. 2 से 3 मीटर की दूरी छात्र-छात्राओं के बीच रखी जाएगी. लैब और लाइब्रेरी में भी एक साथ 10 या 12 से ज्यादा स्टूडेंट्स की एंट्री नहीं होगी.
 छात्रों को मास्क लगाना होगा

स्कूल में भी बच्चों को पूरे समय मास्क लगाना होगा. इसके बिना उन्हें स्कूल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा. स्टूडेंट के साथ शिक्षकों के लिए भी मास्क अनिवार्य होगा. हर कक्षा के बाहर सैनेटाइजर रखना होगा. बच्चों को क्लास में जाने और क्लास से बाहर आते समय अपने हाथों को सेनेटीइज़ करना होगा. हाथों को सेनेटाइज़ करने के बाद ही एक कक्षा से दूसरी कक्षा में प्रवेश दिया जाएगा. कक्षा में छात्र-छात्राओं की सीटें भी फिक्स होगी, यानी सीटों की अदला-बदली नहीं की जाएगी.

24मार्च से बंद हैं स्कूल

22 मार्च को जनता कर्फ्यू के बाद 25 मार्च से देशव्यापी लॉकडाउन के कारण प्रदेश भर के सारे स्कूल बंद हैं. लॉक डाउन के कारण अभी तक पुराना सेशन खत्म नहीं हुआ है.स्कूलों में ऑनलाइन क्लासेस के जरिए पढ़ाई करवाई जा रही है. अब शासन की गाइडलाइन के बाद जुलाई में स्कूलों की खोलने का निर्णय लिया जाएगा. उस वक्त कोरोना के हालात देखते हुए फैसला लिया जाएगा.