जकार्ता । एक ज्वालामुखी में विस्फोट होने के कारण राख का गुबार छह किलोमीटर की ऊंचाई तक उठा। यह घटना इंडोनेशिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखी में से एक माउंट मेरापी की है। इस घटना से विमान सेवाओं के बाधित होने की आशंका है। इंडोनेशिया रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट फॉर जियोलॉजिकल डिजास्टर एजेंसी (बीपीपीटीकेजी) के प्रमुख हनीक हुमैदा ने बताया कि माउंट मेरापी का विस्फोट क्रेटर से दो किलोमीटर दूर हुआ है। ज्वालामुखी से खतरनाक गैसों और गरम हवाओं का गुबार निकला। हुमैदा ने कहा कि ज्वालामुखी से निकली रेत और राख तीन किलोमीटर दूर गावों तक फैल गयी। उन्होंने कहा कि यह राख उत्तरी इलाकों में क्रेटर से 10 किलोमीटर दूर तक गिरती रही। गौरतलब है कि इंडोनेशिया के 129 सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक 2.930 ऊंचे माउंट मेरापी में समय-समय पर विस्फोट होता रहता है। अक्टूबर और नवंबर 2010 में इसके फटने से 353 लोगों की जानें गयी थीं और 3,50,000 लोगों को घर-बार छाुड़कर सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी थी। एक आधिकारी के मुताबिक ज्वालामुखी के आसपास विमानों को उड़ान भरने से प्रतिबंधित करने की योजना बनायी जा रही है। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों से माउंट मेरापी के तीन किलोमीटर के दायरे से दूर रहने को कहा गया है।