नई दिल्ली,    मलेश‍िया ने कश्मीर और सीएए पर भारत का किया था विरोधइसके बाद कारोबारियों ने वहां से पाम ऑयल का आयात घटायाभारत बड़ा आयातक है, इसकी वजह से मलेश‍िया की मुश्किल बढ़ गई

    अब मलेश‍िया ने इस बारे में भारत से बातचीत शुरू की है

कश्मीर और सीएए पर भारत की नीति का विरोध करने वाले मलेश‍िया की अकड़ ढीली पड़ गई है. भारत द्वारा पाम ऑयल के आयात पर सख्ती के बाद मलेश‍िया ने इस बारे में भारत से बातचीत शुरू कर दी है. मलेश‍िया की प्राइम इंडस्ट्रीज मिनिस्टर टेरेसा कॉक ने कहा कि वह इस बारे में भारत से बात कर रही हैं.

गौरतलब है कि भारत सरकार ने मलेशिया के रिफाइंड पाम ऑयल और पामोलिन के आयात पर आधिकारिक रोक तो नहीं लगाई है, लेकिन भारत के कारोबारियों ने मलेश‍िया से पाम ऑयल का आयात घटाना शुरू कर दिया है. बिना किसी आदेश के भारतीय कारोबारियों ने राष्ट्रीयता की भावना दिखाते हुए मलेशिया को झटके देना शुरू कर दिया.

मलेशिया ने पिछले दिनों पाकिस्तान प्रेम दिखाते हुए जम्मू-कश्मीर से धारा-370 हटाने का विरोध किया था. अब भारतीय आयातकों ने पाम तेल के लिए इंडोनेशिया का रुख करना शुरू कर दिया है, जिससे मलेशिया की बेचैनी बढ़ गई है.

मलेशिया के पीएम ने कश्मीर और CAA पर क्या कहा था

गौरतलब है कि मलेशिया के प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने हाल में कश्मीर और सीएए को लेकर भारत सरकार की नीतियों की आलोचना की थी. महातिर ने पिछले साल अक्टूबर में कहा था कि भारत ने कश्मीर पर 'कब्जा' किया है. दिसंबर में नए नागरिकता कानून (CAA) के विरोध प्रदर्शनों के मौके पर उन्होंने कहा कि भारत सरकार अशांति को बढ़ावा दे रही है. भारत ने इस पर सख्त रुख दिखाया है.