नई दिल्ली,स्वर्ण एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (गोल्ड ईटीएफ) में जनवरी में शुद्ध निवेश 200 करोड़ रुपये को पार कर गया। यह सात साल का सबसे ऊंचा स्तर है। दुनिया के विभिन्न हिस्सों में उभरे भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती और कोरोना वायरस का अर्थव्यवस्था को देखते हुए निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।

यह लगातार तीसरा महीना रहा, जबकि स्वर्ण ईटीएफ में शुद्ध निवेश आया है। एसोसिएशन आफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (एम्फी) के आंकड़ों के अनुसार जनवरी में स्वर्ण ईटीएफ में 202 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश हुआ। इससे पिछले महीने यह निवेश 27 करोड़ रुपये रहा था। नवंबर में इसमें 7.68 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था। हालांकि, अक्तूबर में स्वर्ण ईटीएफ से 31.45 करोड़ रुपये की निकासी की गई थी। सितंबर में इन कोषों में 44 करोड़ रुपये और अगस्त में 145 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था।

स्वर्ण ईटीएफ में ताजा मासिक निवेश दिसंबर, 2012 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। उस समय इसमें 474 करोड़ रुपये का निवेश हुआ था। मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट एडवाइजर इंडिया के वरिष्ठ शोध विश्लेषक हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि स्वर्ण ईटीएफ में जनवरी में निवेश का प्रवाह काफी मजबूत रहा। दिसंबर के 27 करोड़ रुपये की तुलना में यह काफी अधिक है। दुनिया के विभिन्न हिस्सों में भू राजनीतिक तलाव और वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती की वजह से निवेशक सोने जैसे निवेश के सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि सोना को सबसे सुरक्षित निवेश माना जाता है। अर्थव्यवस्था में जब उथल-पुथल ज्यादा बढ़ जाती है तो निवेशक शेयरों में निवेश की बजाय सोने में निवेश को ज्यादा सुरक्षित मानते हैं। मौजूदा समय में कोरोना समेत कई वजहों से दुनिया की अर्थव्यवस्था चुनौतियों का सामना कर रही है।

सोने को शेयरों की तरह खरीदने की सुविधा को गोल्ड ईटीएफ कहते हैं। यह म्यूचुअल फंड की स्कीम है। इसमें सोने की खरीद यूनिट में की जाती है। इसे बेचने पर आपको सोना नहीं बल्कि उस समय के बाजार मूल्य के बराबर राशि मिलती है। यह सोने में निवेश के सबसे सस्ते विकल्पों में से एक है। आप इसमें मौजूदा भाव पर एक ग्राम सोने के मूल्य के बराबार राशि निवेश कर सकते हैं जो चार हजार रुपये के करीब है। जबकि म्यूचुअल फंड में ज्यादातर निवेश पांच हजार रुपये से अधिक के हैं। वहीं सोने की न्यूनतम दो ग्राम की ज्वेलरी का दाम भी आठ हजार रुपये से अधिक हो जाएगा।