यूनाईटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स, जिसमें नौ बैंक कर्मचारी-अधिकारी संगठन शामिल है जो देश के करीब शत-प्रतिशत बैंक कर्मियों का प्रतिनिधित्व करते हैं, के आह्वान पर "26 माह से लम्बित वेतन पुनरीक्षण समझौता एवं सम्बन्धित मुद्दों को हल कराने के लिए" देशभर के 10 लाख बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने  दिनांक 31 जनवरी 2020 को राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल में भाग लिया। आज पुन: 01 फरवरी 2020 को राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल की जावेगी। आज की हड़ताल इतनी व्यापक थी कि बैंकों के ताले भी नहीं खुलें। हड़ताल से प्रदेश एवं देश के बैंकों का काम-काज ठप्प रहा। आन्दोलित बैंक कर्मी मुख्य माँगों के लिए हड़ताल कर रहे हैं।  
भोपाल एवं आस-पास के करीब 5000 हड़ताली बैंक-कर्मी आज प्रात: 10:30 बजे ओरियेन्टल बैंक ऑफ कॉमर्स रीजनल आफिस प्रेस काम्पलेक्स एम.पी. नगर, जोन-।, भोपाल के सामने इकट्ठे हुए। उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार नारेबाजी कर प्रभावी प्रदर्शन किया। तत्पश्चात एक विशाल रैली प्रारम्भ हुई। रैली में युवा एवं सैकड़ों महिला बैंक कर्मियों की उपस्थिति उल्लेखनीय थी। आज बैंकों में लटके हुए ताले केन्द्र सरकार को चेतावनी दे रहे थे कि यदि उन्होंने हड़ताली बैंक कर्मियों की माँगों को गंभीरता से नहीं लिया तो आगामी दिनों में और राष्ट्रव्यापी हड़तालें की जाएंगी। रैली प्रेस काम्पलेक्स का चक्कर लगाते हुए वापिस ओरिएन्टल बैंक ऑफ कॉमर्स के सामने आकर सभा में परिवर्तित हो गई। सभा को फोरम के को-ऑर्डीनेटर साथी वी.के. शर्मा संयोजक, साथी संजीव सबलोक, अरूण भगोलीवाल, दीपक रत्न शर्मा, आशीष तिवारी, डी.के. पोद्दार, संजय कुदेशिया, मदन जैन, सुनील सिंह वी.एस. नेगी, मो. नजीर कुरैशी, रजत मोहन वर्मा, जे.पी. झंवर, एम.जी. शिन्दे, श्याम रेनबाल, प्रदीप बिलाला, एम.एस. जयशंकर, दीपक शुक्ला, राजेश लाला, बी.सी. पौणीकर, गुणशेखरन, प्रभात खरे, बाबूलाल राठौर, मयंक गुप्ता, जे.पी. दुबे, के.के. त्रिपाठी आदि ने सम्बोधित किया। 
वक्ताओं ने बताया कि माँग न माने की स्थिति में मार्च के माह में 11, 12 एवं 13 मार्च 2020 को तीन दिवसीय बैंक हड़ताल तथा 01 अप्रैल 2020 से अनिश्चितकालीन बैंक हड़ताल की जावेगी। 
प्रदर्शन एवं सभा में मुख्य रूप से यूनियन के पदाधिकारी एवं बैंक कर्मचारी उपस्थित थे।